कम उम्र में सफेद बाल: वजह, घरेलू उपाय, खाना और योग
बाल जल्दी सफेद क्यों होते हैं, आप क्या बदल सकते हैं और क्या नहीं, और कौन से आयुर्वेदिक खाने, तेल और प्राकृतिक रंग मदद करते हैं।
बीस-तीस की उम्र में सफेद बाल दिखना आम बात है, खासकर भारत में। भारतीयों में 25 साल से पहले, गोरे यूरोपीय लोगों में 20 से पहले और अफ्रीकी लोगों में 30 से पहले बाल सफेद हों, तो इसे कम उम्र में सफेद बाल (premature greying) कहते हैं।
शुरू में ही सच बता दें: बालों का सफेद होना ज़्यादातर आपके जीन्स में लिखा होता है, और कोई तेल या खाना खानदानी सफेद बालों को फिर से काला नहीं कर सकता। लेकिन जल्दी सफेद होना कुछ ऐसी चीज़ों से भी जुड़ा है जिन्हें आप बदल सकते हैं, जैसे विटामिन B12, आयरन या कॉपर की कमी, थायराइड की समस्या, सिगरेट और लंबे समय का तनाव। इन्हें ठीक करने से सफेद होना धीमा हो सकता है, और कुछ लोगों में थोड़ा रंग वापस भी आ जाता है।
इस गाइड में
बाल अपना रंग क्यों खोते हैं
बालों का रंग मेलानिन से आता है, जिसे जड़ में मौजूद रंग बनाने वाली कोशिकाएं बनाती हैं। समय के साथ ये कोशिकाएं धीमी हो जाती हैं और बाल सफेद उगने लगते हैं। ग्रे बाल असल में सफेद और रंगीन बालों का मिक्स होते हैं।
- जीन्स: अगर माता-पिता के बाल जल्दी सफेद हुए, तो आपके भी हो सकते हैं
- विटामिन B12 की कमी, जो शाकाहारी लोगों में बहुत आम है
- आयरन, कॉपर, ज़िंक या विटामिन D की कमी
- थायराइड की समस्या (कम और ज़्यादा, दोनों)
- सिगरेट पीना, जिसका जल्दी सफेद बालों से साफ संबंध है
- लंबे समय का तनाव: 2020 की एक रिसर्च में दिखा कि तनाव रंग बनाने वाली स्टेम सेल्स को खत्म कर सकता है
आयुर्वेद क्या कहता है
आयुर्वेद में कम उम्र में बाल सफेद होने को पालित्य कहते हैं और इसे सिर में बढ़े हुए पित्त (गर्म दोष) से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि गुस्सा, चिंता, देर रात तक जागना, ज़्यादा धूप, और खट्टा, नमकीन, तला-भुना व बहुत मसालेदार खाना इसे बढ़ाता है। पारंपरिक उपाय है ठंडक और पोषण: भृंगराज, आंवला और करी पत्ते जैसी जड़ी-बूटियों वाले तेल से नियमित मालिश, पित्त शांत करने वाला खाना और मन को शांत रखना।
असल में कितनी उम्मीद रखें
अगर ब्लड टेस्ट में B12, आयरन या थायराइड कम निकले, तो उन्हें ठीक करने से नए सफेद बाल इतनी जल्दी नहीं आते। खाना और तेल बालों को सेहतमंद रखते हैं, लेकिन जो बाल पहले से सफेद हैं उन्हें फिर से रंग नहीं दे सकते। उसके लिए शुद्ध मेहंदी और इंडिगो सुरक्षित, बिना केमिकल वाला रंग देते हैं। आप जो भी चुनें, उसे कम से कम तीन से छह महीने दें।
फ़ायदा देने वाले योगासन
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1
मत्स्यासन (सहारे के साथ)
Matsyasana
- पीठ के ऊपरी हिस्से के नीचे लंबाई में एक मुड़ा हुआ कंबल या मोटा तकिया रखें।
- पीछे लेट जाएं ताकि छाती खुले और सिर ज़मीन या तकिए पर टिका रहे।
- बाहें बगल में फैला दें, हथेलियां ऊपर की ओर।
- छाती में धीरे-धीरे सांस भरें।
कितनी देर रुकें: 1-3 मिनटछाती और गले को खोलता है और घंटों बैठने व स्क्रीन पर काम करने से आई जकड़न को कम करता है।
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2
भुजंगासन
Bhujangasana
- पेट के बल लेटें, हाथ कंधों के नीचे रखें।
- पैरों का ऊपरी हिस्सा ज़मीन पर दबाएं और सांस लेते हुए छाती उठाएं।
- कोहनियां थोड़ी मुड़ी रखें और कंधे कानों से दूर रखें।
- सांस छोड़ते हुए नीचे आएं।
कितनी देर रुकें: 3-5 सांसें, 3 बारपीठ को मज़बूत करता है, बैठने का तरीका सुधारता है और बिना ज़ोर डाले ताज़गी देता है।
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3
पश्चिमोत्तानासन
Paschimottanasana
- पैर आगे फैलाकर बैठें।
- सांस लें और रीढ़ को लंबा करें।
- सांस छोड़ते हुए कूल्हों से आगे झुकें, ज़रूरत हो तो घुटने मोड़ लें।
- सिर को पैरों की तरफ ढीला छोड़ दें।
कितनी देर रुकें: 1-2 मिनटठंडक और शांति देने वाला आगे झुकने का आसन, जिसे पारंपरिक रूप से पित्त शांत करने और मन को स्थिर करने के लिए किया जाता है।
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4
भ्रामरी प्राणायाम
Bhramari
- आराम से बैठें और आंखें बंद करें।
- अंगूठों से कान हल्के से बंद करें।
- नाक से सांस लें, फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए भौंरे की तरह गुनगुनाएं।
- सिर और चेहरे में कंपन महसूस करें।
कितनी देर रुकें: 5-7 बारतनाव शांत करने के सबसे तेज़ तरीकों में से एक। और तनाव उन गिनी-चुनी वजहों में से है जिन पर आप कुछ कर सकते हैं।
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5
शीतली प्राणायाम
Sheetali
- सीधे बैठें और जीभ को नली की तरह मोड़ें (अगर न मुड़े तो दांतों के बीच से सांस लें)।
- जीभ से धीरे-धीरे सांस अंदर लें और ठंडी हवा महसूस करें।
- मुंह बंद करें और नाक से सांस छोड़ें।
- धीरे-धीरे दोहराएं।
कितनी देर रुकें: 10 बारबढ़े हुए पित्त को ठंडा करने और चिड़चिड़ापन शांत करने के लिए आयुर्वेद का जाना-माना प्राणायाम।
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6
शवासन
Savasana
- पीठ के बल लेटें, पैर थोड़े खुले और बाहें शरीर से थोड़ी दूर रखें।
- आंखें बंद करें और पूरे शरीर को भारी होने दें।
- चेहरा, जबड़ा और सिर की त्वचा ढीली छोड़ दें।
- सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
कितनी देर रुकें: 5-10 मिनटगहरा आराम, जो स्ट्रेस हार्मोन कम करता है और नींद बेहतर करता है।
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प्राकृतिक और आयुर्वेदिक नुस्खे
आंवला, खाएं भी और लगाएं भी
कैसे करें: रोज़ एक ताज़ा आंवला, या एक चम्मच आंवला मुरब्बा या पाउडर खाएं। बालों के लिए 2 बड़े चम्मच आंवला पाउडर पानी या दही में मिलाएं, 30 मिनट लगाएं, फिर धो लें।
यह क्यों फ़ायदा करता है: आंवला आयुर्वेद का सबसे मशहूर हेयर टॉनिक है और इसमें विटामिन C व एंटीऑक्सीडेंट भरपूर होते हैं।
नारियल तेल में करी पत्ता
कैसे करें: आधा कप नारियल तेल में एक मुट्ठी करी पत्ते डालकर तब तक गर्म करें जब तक वे काले और कुरकुरे न हो जाएं। ठंडा करें, छानें और हफ्ते में दो बार स्कैल्प पर मालिश करें। रोज़ के खाने में ताज़ा करी पत्ता डालें या सुबह 4-5 पत्ते चबाएं।
यह क्यों फ़ायदा करता है: जल्दी सफेद बालों के लिए दक्षिण भारत का पारंपरिक नुस्खा। करी पत्ते में एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल भरपूर होते हैं।
काले तिल
कैसे करें: रोज़ 1 बड़ा चम्मच भुने काले तिल खाएं, ऐसे ही, गुड़ के साथ तिल के लड्डू बनाकर, या खाने पर छिड़ककर।
यह क्यों फ़ायदा करता है: तिल में कॉपर, आयरन और कैल्शियम अच्छी मात्रा में होता है। मेलानिन बनाने के लिए कॉपर ज़रूरी है।
B12 और कॉपर वाला खाना
कैसे करें: शाकाहारी लोग रोज़ दही, दूध, पनीर और छाछ लें, और डॉक्टर से B12 टेस्ट और सप्लीमेंट के बारे में पूछें। कॉपर के लिए काजू, बादाम, सूरजमुखी के बीज, चना और साबुत अनाज खाएं।
यह क्यों फ़ायदा करता है: भारत में कम उम्र में सफेद बालों की सबसे आम ठीक होने वाली वजहों में से एक है विटामिन B12 की कमी।
भृंगराज और ब्राह्मी तेल
कैसे करें: हफ्ते में दो-तीन बार रात को भृंगराज या भृंगराज-ब्राह्मी तेल से स्कैल्प की मालिश करें और सुबह धो लें।
यह क्यों फ़ायदा करता है: भृंगराज बालों के लिए आयुर्वेद की सबसे जानी-मानी जड़ी-बूटी है। ब्राह्मी मन को शांत करने और सिर को ठंडक देने के लिए इस्तेमाल होती है।
प्राकृतिक रंग के लिए मेहंदी और इंडिगो
कैसे करें: शुद्ध मेहंदी का पेस्ट 1-2 घंटे लगाएं, धो लें, फिर भूरे से काले रंग के लिए 1 घंटा इंडिगो का पेस्ट लगाएं। बिना केमिकल वाली शुद्ध (body-art quality) मेहंदी ही खरीदें।
यह क्यों फ़ायदा करता है: इससे सफेद होना रुकता नहीं है, लेकिन बिना अमोनिया या PPD के सुरक्षित प्राकृतिक रंग मिलता है।
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रोज़ की आदतें
- सिगरेट छोड़ दें। जल्दी सफेद बालों से इसका संबंध सबसे साफ है।
- अगर बाल जल्दी सफेद हो रहे हैं, तो B12, विटामिन D, आयरन और थायराइड की जांच करवाएं।
- तेज़ धूप में टोपी या दुपट्टे से बालों को ढकें।
- सिर पर बहुत गर्म पानी और बार-बार केमिकल हेयर डाई से बचें।
- रोज़ थोड़ा समय मन शांत करने के लिए निकालें: टहलना, प्राणायाम या प्रार्थना।
- सफेद बाल तोड़ने से और सफेद बाल नहीं आते, लेकिन जड़ को नुकसान हो सकता है। इसलिए उन्हें काट दें।
लोग अक्सर पूछते हैं
क्या सफेद बाल प्राकृतिक रूप से फिर से काले हो सकते हैं?
जीन्स या उम्र की वजह से सफेद हुए बाल फिर से काले नहीं होते। अगर सफेद होना B12 की कमी, थायराइड या ज़्यादा तनाव से जुड़ा है, तो वजह का इलाज होने पर कुछ लोगों में थोड़ा रंग वापस आ जाता है।
क्या एक सफेद बाल तोड़ने से और सफेद बाल आते हैं?
नहीं। हर जड़ से सिर्फ एक बाल उगता है। लेकिन बार-बार तोड़ने से जड़ खराब हो सकती है और बाल पतले हो सकते हैं, इसलिए सफेद बालों को काटना या रंगना बेहतर है।
किस विटामिन की कमी से बाल सफेद होते हैं?
सबसे आम है विटामिन B12, उसके बाद आयरन, कॉपर और विटामिन D की कमी। एक आसान ब्लड टेस्ट से इनकी जांच हो सकती है।
क्या सफेद बालों पर मेहंदी लगाना सुरक्षित है?
शुद्ध मेहंदी ज़्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित है और बालों को कंडीशन भी करती है। काली मेहंदी (black henna) से बचें, उसमें अक्सर PPD होता है जो गंभीर एलर्जी कर सकता है। हमेशा पहले पैच टेस्ट करें।
सावधानी · डॉक्टर को कब दिखाएँ
अगर बाल बहुत तेज़ी से सफेद हो रहे हों और साथ में थकान, हाथ-पैरों में सुन्नपन या झनझनाहट, वज़न में बदलाव या त्वचा पीली दिखे, तो डॉक्टर को दिखाएं। ये B12 की कमी, खून की कमी (एनीमिया) या थायराइड की बीमारी के संकेत हो सकते हैं। मेहंदी, इंडिगो या कोई भी हर्बल पैक लगाने से 48 घंटे पहले पैच टेस्ट करें, और तथाकथित काली मेहंदी से बचें।
यह गाइड सिर्फ़ आम जानकारी के लिए है और डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं लेती। आराम से अभ्यास करें, दर्द होने तक कभी न खिंचें, और अगर आपको कोई बीमारी है, आप गर्भवती हैं या कोई दवा ले रहे हैं, तो किसी योग्य विशेषज्ञ से बात करें।